नमस्कार दोस्तों, एम.एस. धोनी के साथ मिलकर विपरीत परिस्थिति में भी टीम इंडिया को जीत की दहलीज तक ले जाने वाले क्रिकेटर, भुवनेश्वर कुमार इन दिनों खूब सुर्खियों में है। टीम इंडिया के स्टार भुवनेश्वर ने अपने कैरियर में लगातार 53 रन लगाकर इंडिया को जिताने में भूमिका निभाई। इसके साथ ही बहुत कम लोग जानते होंगे कि टीम इंडिया का यह स्टार क्रिकेटर बहुत ही आर्थिक मुश्किलों से यहां तक पहुंचा है।


आपको बता दें कि भुवनेश्वर कि जिंदगी में एक दौर ऐसा भी आया था कि अपनी बहन की सेविंग से उन्हें अपने लिए जूते खरीदने पड़े थे। भुवनेश्वर का जन्म उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुआ था। उनके पिता किरण पाल पुलिस में सब इंस्पेक्टर थे। बता दें की भुवनेश्वर का बचपन से ही क्रिकेट खेलने में बहुत मन लगा करता था। लेकिन अपने घर की आर्थिक स्थिति को देख उन्होंने भारतीय आर्मी में जाने का सोचा।


क्योंकि उनके पिता की कमाई इतनी नहीं थी कि वह घर का खर्च उठाने के साथ-साथ भुवनेश्वर का ऐड्मिशन एक क्रिकेट अकैडमी में करवा सकते। लेकिन भाई की लगन और मेहनत देख उनकी बहन ने पिता से भुवनेश्वर का ऐड्मिशन क्रिकेट अकैडमी में करवाने की बात रखी। इसके बाद भुनेश्वर के पिता ने जैसे-तैसे पैसा जोड़ा और उनका

ऐड्मिशन एक क्रिकेटर अकैडमी में करवा दिया।


इसके बाद एक दिन ऐसा भी आया कि भुवनेश्वर के पास अंडर-17 टूर्नामेंट में खेलने के लिए स्पार्ट्स जूते नहीं थे। इस को देखते हुए उनकी बहन ने अपने सेविंग से भुवनेश्वर को महंगे स्पार्ट्स के जूते दिलाए। इसके बाद फिर क्या था बहन की मेहनत रंग लाई और इसके बाद अंडर-17 टूर्नामेंट से निकला ये स्टार क्रिकेटर यूपी का नंबर वन क्रिकेटर बन गया। बता दें की भुवनेश्वर इसके लिए सबसे बड़ा श्रेय अपनी बहन और फैमली को देते हैं।

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